मुंबई में कथित रूप से बस को अगवा करने वाले एक बिहारी युवक को पुलिस ने मार गिराया है। मारे गए 23 वर्षीय युवक की पहचान पटना निवासी 23 वर्षीय राहुल राज के रूप में हुई है। जबकि मृतक युवक के परिजनों ने इसे गलत करार देते हुए इसकी जांच की मांग की है। मुंबई पुलिस को बंदूकधारी युवक पर पर उपनगरीय इलाके कुर्ला में बस यात्रियों को बंधक बनाने की कोशिश करने का संदेह था। घटना सुबह लगभग साढ़े नौ गजे बेस्ट की बस में हुई। पुलिस के संयुक्तायुक्त [अपराध] राकेश मारिया ने बताया कि कुर्ला के बेल बाजार क्षेत्र में बंदूकधारी युवक ने पुलिस पर गोली चलाई और जवाबी कार्रवाई में वह मारा गया। उन्होंने कहा कि पुलिस को संदेह था कि वह यात्रियों को बंधक बनाने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के अनुसार बंदूकधारी को घाटकोपर के राजवाड़ी अस्पताल में मृत घोषित कर दिया गया।
दूसरी तरफ, मृतक राहुल के पिता कुंदन प्रसाद ने अपने पुत्र को निर्दोष बताते हुए दावा किया है कि उनका पुत्र आपराधिक पृष्ठभूमि का नहीं था और उनके पुत्र की मौत के मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए।
राहुल के पिता कुंदन प्रसाद ने पटना के जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अमित कुमार को बताया कि उनका पुत्र निर्दोष है और उसका पिछला कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं रहा है। पटना में एक गैरेज चलाने वाले राहुल के पिता ने मुंबई में पुलिस मुठभेड़ में राहुल की मौत मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि उनका पुत्र नौकरी की तलाश में मुंबई गया था। पटना के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मृत राहुल के परिजन का पक्ष जानने उनके घर गए थे।
कुंदन प्रसाद ने बताया कि राहुल ने पटना के ही एक संस्थान से रेडियोलोजी में डिप्लोमा किया था और नौकरी की तलाश में गत 24 अक्तूबर को यहां से मुंबई गया था। इस बीच बिहार के पुलिस महानिदेशक डी एन गौतम ने बताया कि राहुल की मौत किस परिस्थिति में हुई इस पूरे मामले की जांच और इस बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए पुलिस महानिदेशक [अपराध अनुसंधान विभाग]राजेश रजंन को जल्द ही मुंबई भेजा को जाएगा।यहां सोचने वाली बात ये है कि राज ठाकरे की लगायी आग अब दावानल में बदल गयी है, अगर पुलिस प्रशासन ने शीघ्र ही राज के खिलाफ उचित कार्यवाही न की तो ये सब शायद फिर दोहराया जाये और बार बार दोहराया जायेगा और इसकी जिम्मेदार राज ठाकरे के साथ महाराष्ट्र सरकार भी होगी ।
भारत की एकता और अखंडता को बरबाद करने की ये साजिश शायद महाराष्ट्र सरकार को दिखायी नहीं दे रही पर इसके दूरगामी परिणाम होगें और यदि शीघ्र ही इस पर कोई कडी कार्यवाही केन्द्र सरकार ने न की तो उत्तर भारत बनाम दक्षिण भारत का यह झगडा कितना भयावह हो सकता है और इस आग में कितने घरों के चिराग बुझेगें इसकी तो कल्पना भी नहीं की जा सकती ।
बिहार के सपूत के हमारा आखरी सलाम- ''राहुल'' तुम्हारा तरीका गलत था पर कहीं न कहीं उसके लिये जिम्मेदार हमारी सरकार है । राज ठाकरे के बयान होते ही ऐसे भडकाउ हैं कि किसी का भी खून खौल जाये । बात अगर अस्मिता की ही है तो क्या अस्मिता केवल मराठी लोगों की ही होती है यूपी, बिहार की अस्मिता का भाव भी जाग गया तो ............................



